सारे सारे सा, सारे सारे सा, सारे सारे सा ध
सारे सारे सा, सारे सारे सा, सारे सारे सा ध रेग रेग रे, रेग रेग रे, प प म ग रे सा ।।धृ।। माना की जिंदगी है, अंधेरे मे घिरी, बोज सर पे इतना, जैसे के हिम गीरी दिप बनके हम चले अगर, फिर अधेरो से किसे से डर सारे सारे सा, सारे सारे सा, सारे सारे सा ध रेग रेग रे, रेग रेग रे, प प म ग रे सा ।।धृ।। आँखो मे सपने है, उनले कल के, हिम्मत से चलेज, राही मंजिल के, रास्तों की ठोकरों क्या, मुश्किलों को अब नहीं फिकर सारे सारे सा, सारे सारे सा, सारे सारे सा ध रेग रेग रे, रेग रेग रे, प प म ग रे सा ।।धृ।। तू है अकेला, ये कब कहा है, संग तेरे साथी, ये कारवा है, भावी पिढीयो गर्व हो, काम ऐसा आज कर गुजर, सारे सारे सा, सारे सारे सा, सारे सारे सा ध रेग रेग रे, रेग रेग रे, प प म ग रे सा ।।धृ।। गम ये ना करना, तू उणीव मे है, तू है वो मोती, जो सिप मे है, हम ने ली है,आज ये कसम, लायेंगे खुशी को जितकर सारे सारे सा, सारे सारे सा, सारे सारे सा ध रेग रेग रे, रेग रेग रे, प प म ग रे सा ।।धृ।।